राह-ए-मोहब्बत में कुछ कड़िया ऐसी होती है जो जुड़ने पर ही समझ में आती है मुझे तुम्हारा आज भी इंतेज़ार है और मुझे यकीन है तुम ज़रूर आओगी
मसरूफ़ है दिल कितना मसरूफ़ है दिल कितना इंतेज़ार में तेरे प्यार में
तेरे प्यार में, तेरे प्यार में तेरे प्यार में, तेरे प्यार में
मसरूफ़ है दिल कितना मसरूफ़ है दिल कितना इंतेज़ार में में, तेरे प्यार में तेरे प्यार में, तेरे प्यार में
चन्ना वे माहिया वे तेरे बिना इक पल दिल मेरा नही लगदा हो माहिया वे दिल मेरा नही लगदा चन्ना वे माहिया वे तेरे बिना इक पल दिल मेरा नही लगदा हो माहिया वे दिल मेरा नही लगदा
लागी तुझसे अब ना छूटे राबता ये बस ना टूटे
रब को है मैने दी अर्ज़ियाँ बेचैन है दिल कितना बेचैन है दिल कितना इंतेज़ार में, तेरे प्यार में तेरे प्यार में, तेरे प्यार में
जब से हो गयी तुझसे यारी बेपनाह है बेकरारी नाता ये दिल का तुझसे जुड़ा
अशफ़ाक़ है दिल कितना अशफ़ाक़ है दिल कितना इंतेज़ार में, तेरे प्यार में तेरे प्यार में, तेरे प्यार में
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